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न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने कहा कि अदालत में मामलों की अत्यधिक संख्या के कारण इस याचिका पर तुरंत सुनवाई संभव नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले को उचित प्रक्रिया के तहत सूचीबद्ध किए जाने के बाद ही नियमित रूप से सुना जाएगा।
कोलकाता। युवा भारती स्टेडियम में हुए लियोनेल मेसी कार्यक्रम से जुड़े विवाद में पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। इस मामले में दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई से कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इनकार कर दिया है, जिसके बाद उनकी कानूनी परेशानी और बढ़ गई है।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने कहा कि अदालत में मामलों की अत्यधिक संख्या के कारण इस याचिका पर तुरंत सुनवाई संभव नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले को उचित प्रक्रिया के तहत सूचीबद्ध किए जाने के बाद ही नियमित रूप से सुना जाएगा।
अरूप विश्वास ने युवाभारती में आयोजित ‘जीओएटी’ कार्यक्रम से जुड़े कथित अनियमितताओं और संभावित गिरफ्तारी से बचाव के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, उन्हें तत्काल राहत नहीं मिल सकी है।
इस घटनाक्रम के बीच राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि उन पर गिरफ्तारी की कार्रवाई किसी भी समय हो सकती है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूर्व खेल मंत्री को पहले ही पूछताछ के लिए तलब किया गया था, हालांकि उन्होंने अब तक उपस्थित नहीं होने की बात कही है।
उल्लेखनीय है कि, पिछले वर्ष दिसंबर में युवाभारती स्टेडियम में अर्जेंटीना के विश्व कप विजेता फुटबॉलर लियोनेल मेसी के भारत आगमन के दौरान आयोजित कार्यक्रम को लेकर भारी विवाद खड़ा हुआ था। आरोप है कि महंगे टिकट खरीदने के बावजूद आम दर्शकों को मेसी को देखने का अवसर नहीं मिला, जबकि मैदान के भीतर सीमित लोगों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे थे।
कार्यक्रम के दौरान अव्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए थे, जिसके बाद आयोजक शतद्रु दत्ता को गिरफ्तार किया गया था। बाद में इस मामले में शिकायतें दर्ज कराई गईं, जिनमें अर्पूव विश्वास सहित अन्य लोगों का नाम भी शामिल बताया गया।
इसके बाद से ही मामले को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ता गया है और कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच जारी है।